सुप्रीम कोर्ट को दिल्ली सरकार ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में 1.10 करोड़ वाहन पंजीकृत हैं। 40 लाख ‘ओवरएज’ गाड़ियों का पंजीकरण ट्रांसपोर्ट विभाग रद्द कर चुका है। इनमें 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहन शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में पेट्रोल-डीजल के पुराने वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के लिए कहा था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने गुरुवार को अपना जवाब दाखिल किया।
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, साढ़े तीन साल में दिल्ली सरकार ने क्या किया?
सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के वकील वसीम ए कादरी से कहा- एनजीटी ने ओवरएज वाहनों पर रोक लगाने का आदेश 7 अप्रैल, 2015 को जारी किया था। हमने इस आदेश के खिलाफ की गई अपील 15 मई, 2015 को खारिज कर दी थी। साढ़े तीन साल बीतने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया। आपके मुवक्किल (दिल्ली सरकार) इस मामले में तेजी दिखाएं।
केंद्र सरकार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पक्ष रख रहे अडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एनएस नादकर्णी ने न्यायाधीश मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया कि बोर्ड ने ट्विटर और फेसबुक पर अकाउंट बना लिए हैं, जहां लोग दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण से संबंधित शिकायत कर सकते हैं।
विज्ञापन के माध्यम से लोगों को सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी दें
सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने का आदेश दिया था। नादकर्णी ने बताया कि बुधवार तक इन सोशल मीडिया अकाउंट पर 18 शिकायतें मिलीं। इसके अलावा बोर्ड ने दिल्ली-एनसीआर में मौजूद ओवरएज वाहनों की लिस्ट अपनी वेबसाइट पर डाल दी है। एएसजी ने बताया कि सीपीसीबी के समीर ऐप पर भी प्रदूषण से संबंधित शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
बेंच में शामिल न्यायाधीश एमएम शांतनागौदर और एस अब्दुल नजीर ने सीपीसीबी को निर्देश दिया किया कि सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित विज्ञापन दिए जाएं, जिससे लोग इनके बारे में जागरूक हो सकें। प्रदूषण मामले में अदालत की सलाहकार एडवोकेट अपराजिता सिंह ने बताया कि 2016 में भी समीर ऐप था, लेकिन यदि कोई उस पर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश करता तो ऐप क्रैश हो जाता था।
दिल्ली के 13 एंट्री पॉइंट्स पर लगाए जाएं रेडियो सिस्टम
अपराजिता ने बेंच को बताया कि अगले कुछ दिनों में दिल्ली के उन 13 पॉइंट्स पर रेडियो सिस्टम लगाए जाने चाहिए, जहां से ट्रक समेत अन्य कमर्शियल वाहन दिल्ली में एंट्री करते हैं। ट्रक ही सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं। ऐसे में अदालत को 10 साल से ज्यादा पुराने ट्रकों को दिल्ली में घुसने नहीं देने का आदेश जारी करना चाहिए।
दिल्ली सरकार के वकील कादरी ने बताया कि आया नगर में रेडियो सिस्टम लगा दिया गया है। फिलहाल शाहदरा और गाजीपुर में रेडियो सिस्टम लगाने का काम चल रहा है। शाहदरा में 15 नवंबर और गाजीपुर में 20 नवंबर तक काम पूरा होने की उम्मीद है।
बेंच ने पूछा कि रजोकरी, कापासहेड़ा, टीकरी, कोंडली और कालिंदी कुंज समेत दिल्ली के बाकी एंट्री पॉइंट से क्या ट्रक नहीं आते हैं? अगर वहां भी स्थिति गंभीर है तो वहां भी रेडियो सिस्टम लगाए जाने चाहिए। दिल्ली में कूड़ा जलाने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने डीएसआईडीसी को निर्देश दिए।
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