12 दिसंबर को मुंबई में ईशा अंबानी और आनंद पीरामल की शादी हुई. देश के मशहूर उद्योगपति की शादी में बॉलीवुड, राजनीति, उद्योग और खेल जगत के तमाम हाई प्रोफाइल सितारे पहुंचे. एंटीलिया में हुई शादी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पहुंचीं. शादी में जहां सभी गेस्ट देसी-विदेशी ब्रांडेड आउटफिट और एक्सेसरीज में थे, वहीं ममता का सादगी भरा अंदाज देखने को मिला.
वे व्हाइट कलर की बेगुनी बॉर्डर धनिया खली साड़ी में नजर आईं. उन्होंने पैरों में फ्लैट चप्पल पहनी थी. बता दें कि ममता को हर इवेंट में ऐसे ही साधारण गेटअप में देखा जाता है. इवेंट बड़ा हो या छोटा, ममता दीदी का फैशन स्टेटमेंट नहीं बदलता. वे अपनी सादगी के लिए ही जानी जाती हैं. देश के सबसे अमीर घराने के जश्न में भी ममता बनर्जी अपनी ट्रेडमार्क कॉटन साड़ी में दिखीं. उनका यही स्टाइल उन्हें हाई प्रोफाइल सेलेब्स की भीड़ में सबसे अलग दर्शा रहा था.
ममता बनर्जी के अलावा ईशा अंबानी की शादी में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, हिलेरी क्लिंटन, जॉन कैरी जैसे दिग्गज नेता देखे गए. बॉलीवुड से तीनों खान, रजनीकांत, बच्चन परिवार, दीपिका-रणवीर, प्रियंका-निक, करीना कपूर, सैफ अली खान, शबाना आजमी, रेखा, टाइगर श्रॉफ, वरुण धवन आदि नजर आए.
बता दें कि ईशा की शादी में कन्यादान के वक्त नीता और मुकेश अंबानी भावुक हो गए थे. इस दौरान अमिताभ बच्चन ने ईशा को कन्यादान के समय बोले जाने वाले मंत्रों का अर्थ पढ़कर सुनाया. ईशा और आनंद ने सात फेरे लेने के बाद मुकेश और नीता अंबानी से आशीर्वाद लिया. शादी से पहले उदयपुर में ईशा-आनंद के प्री-वेडिंग फंक्शंस हुए थे.
भारतीय बाजार में अब तक फिल्म ने करीब 42 करोड़ रुपये कमा लिए हैं. हालांकि पहले हफ्ते में ये फिल्म 50 करोड़ रुपये कमाने से चूक गई. इसे हिट बताया जा रहा है. फिल्म की लागत करीब 35 करोड़ है. कुछ रिपोर्ट्स में लागत 55 करोड़ से ज्यादा बताया जा रहा है.
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी लवस्टोरी है जिसे केदारनाथ की त्रासदी के केंद्र में बुना गया है. केदारनाथ की कहानी एक हिंदू पंडित की बेटी मंदाकिनी उर्फ़ मुक्कु (सारा अली खान) से शुरू होती है जो की बेहद जिद्दी, खुशमिज़ाज़ और अल्हड़ हैं. मुक्कु को एक मुस्लिम पिट्ठू (तीर्थयात्रियों को कंधे पर उठानेवाला) मंसूर (सुशांत सिंह राजपूत) से प्यार हो जाता है. दो अलग धर्म के लोगों का प्यार वादी के लोगों को पसंद नहीं आता और फिर इस प्यार को तोड़ने की भरपूर जद्दोजहद शुरू हो जाती है. इस पूरी कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब मंदाकिनी और मंसूर के प्यार को तोड़ने के लिए पंडितों और पिट्ठुओं के बीच जंग छिड़ जाती है और इसी बीच कुदरत भी अपना कहर बरपा देता है.
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